01/12/2023

By - Pawan Sharma

Image Source :- Social Media

गेहूं की फसल में हो सकती है जिंक की कमी, क्या हैं लक्षण?

Image Source :- Social Media

गेहूं में जिंक की कमी के कारण फसल की वृद्धि एक समान नहीं हो पाती, पौधे छोटे रह जाते हैं तथा पत्तियां पीली हरी रह जाती हैं।

Image Source :- Social Media

अधिक चूने वाली बलुई एवं क्षारीय चिकनी मिट्टी इससे अधिक प्रभावित होती है।

Image Source :- Social Media

उच्च पीएच के मामले में, जिंक की कमी अधिक आम है।

Image Source :- Social Media

नई और बीच की पत्तियों में मध्य शिरा और किनारों के बीच पीले धब्बे दिखाई देने लगते हैं जो लंबाई में फैल जाते हैं।

Image Source :- Social Media

जिंक की कमी के कारण फसल को पकने में अधिक समय लगता है।

Image Source :- Social Media

जिन खेतों में जिंक की कमी हो, वहां पहली जुताई के समय 20 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से जिंक डालना चाहिए.

Image Source :- Social Media

यदि खड़ी फसल में जिंक की कमी दिखाई दे तो अंकुरण के 3 एवं 5 सप्ताह बाद।

Image Source :- Social Media

1 किलोग्राम जिंक सल्फेट (हेप्टाहाइड्रेट) + 1 किलोग्राम यूरिया को 100 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।